प्रश्न:1. जैव प्रक्रम किसे कहते हैं। उत्तर: वें सारी क्रियाएँ जिनके द्वारा जीवों का अनुरक्षण होता है उसे जैव प्रक्रम कहते हैं।
प्रश्न: 2. बहुकोशिकीय जीवों में आक्सिजन की आवश्यकता विसरण द्वारा क्यों पूरी नहीं हो पाती है? उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों की शारीरिक रचना जटिल होती इसलिए उनमें आक्सीजन की आवश्यकता विसरण द्वारा पूरी नहीं हो पाती है।
प्रश्न: 3. जीवों में पोषण की विधियाँ प्रमुख दो कौन कौन सी है? उतर:जीवों में पोषण की प्रमुख दो विधिया निम्नलिखित है। 1.स्वपोषण और 2. परपोषित पोषण
प्रश्न: 4 हरे पौधौ मे किस प्रकार का पोषण पाया जाता है।उतर :हरे पौधौ में स्वपोषित पोषण पाया जाता है ।
प्रश्न:5. जंतुओं मे पोषण की कौंन सी पायी जाती है ? उतर: जंतुओं में परपोषी पोषण पाया जाता है
प्रश्न: 6. तीन प्रकार की परपोषण विधियो के नाम लिखे। उतर : तीन प्रकार के परपोषण के नाम निम्नलिखित है (1) मृतजीवी पोषण (2) परजीवी पोषण(3) प्राणी सम्पोषण
प्रश्न 7.: संपूर्ण प्रकाशसंश्लेषण का रसायानिक समीकरण लिखें ।
प्रश्न:8. प्रकाशसंश्लेषण की प्रक्रिया में उत्पोत्पाद के रूप में क्या बनता हैं? उतर: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में उतपोत्पाद के रूप में ऑक्सीजन गैस बनती है
प्रश्न:9. प्रकाश संश्लेषण कि प्रक्रिया हरितलवक या क्लोरोप्लास्ट में ही क्यों होता है। उत्तर: हरितलवक में सूर्य की प्रकाश को अवशोषित करने की क्षमता होती है
इसलिए प्रकाश संश्लेषण हरितलवक में होता है प्रकाश संश्लेषण की क्रिया ग्रना तथा स्टोमेटा में होता है ।
प्रश्न:10 प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए किन किन पदार्थों की आवश्यकता होती है ? उतर: प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए चार पदार्थों की आवश्यकता
होती है जो निम्नलिखित हैं (I) सूर्य का प्रकाश (II) हरितलवक (III) जल और खनिज लवण (IV) co2 गैस
प्रश्न: 11. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए पौधे co2 कहा से प्राप्त करते हैं? उतर: प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए पौधे co2 वायुमंडल से प्राप्त करते हैं।
प्रश्न: 12. कवक और जीवाणुओं में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया क्यों नहीं हो पाती हैं ? उत्तर: कवक और जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होती है इसलिए उनमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया नहीं हो पाती है
प्रश्न:13. पोषण के दृष्टिकोण से अमीबा तथा पैरामीशियम किस प्रकार के जंतु है ? उत्तर: पोषण की दृष्टि से अमिबा तथा पैरामीशियम प्राणीसंपोषण जीव हैं प्रश्न:14 . मनुष्य का आहार नाल कौन-कौन से मुख्य भागों में बटा होता है? उत्तर : मनुष्य की आहार नाल निम्नलिखित भागों में बैठे होते हैं (1) मुखगुहा
(2) ग्रसनी (3) ग्रासनली (4) आमाशय (5) ग्रहणी (6) छोटी आंत तथा बड़ी आंत
प्रश्न : 15 . ग्रसनी में स्थित दो छिद्रों के नाम लिखिए । उत्तर: ग्रसनी में स्थित दो छिद्रों के नाम निम्नलिखित है (1) निगल द्वार और कंठ द्वार
प्रश्न :16. मनुष्य के पाचन आहार नाल के किस भाग में शुरू होता है। उत्तर: मनुष्य में भोजन का पाचन मुख गुहा से शुरू होता है
प्रश्न : 17 . मनुष्य के आहार नाल के किस भाग में पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है। उत्तर : मनुष्य की आहार नाल के इलियम वाले भाग में पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है
प्रश्न :18 . क्लोरोफिल वर्णक कहां पाया जाता है उत्तर: पौधों के हरे भाग में पाया जाता है
प्रश्न : 19 प्रकश संश्लेषण द्वारा पौधों क्या निर्माण करते हैं ? उतर: प्रकाश संश्लेषण द्वारा पौधों ग्लूकोज का निर्माण करते हैं।
प्रश्न :20 . मृतजीवी को क्या कहा जाता है । उत्तर: मृतजीवी को सैप्रोफाईड भी कहते हैं।
प्रश्न: 21 जिस जीव के शरीर से परजीवी अपना भोजन प्राप्त करते हैं वे क्या कहलाते हैं? जिस जीव के शरीर से परजीवी अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें परपोषी कहते हैं
प्रश्न:22 . गोबर छत्ता से किस प्रकार का पोषण होता है । उत्तर: गोबर छत्ता से मृतजीवी पोषण होता है
प्रश्न: 23. पतियों का कौन सा अंग co2 युक्त का प्रवेश द्वार होता है ? उत्तर: पतियों का स्टोमेटा अंग co2 युक्त वायु का प्रवेश द्वार होता है।
प्रश्न :24 पोषण की दृष्टि से जन्तुओं को क्या कहा जाता है ? उतर: पोषण की दृष्टि से जंतुओं को प्राणीसंपोषिण कहा जाता है।
प्रश्न: 26. मनुष्य में पाचन के लिए विशेष अंग को क्या कहा जाता है? उतर: मनुष्य में पाचन के लिए विशेष अंग को आहार नाल कहते हैं।।
प्रश्न: 27.मनुष्य के जीभ के ऊपरी सतह पर पाए जाने वाले संरचना को क्या कहते हैं उत्तर: मनुष्य के जीभ के ऊपरी सतह पर पाए जाने वाले संरचना को
स्वाद कलिकाएँ कहते हैं।।
प्रश्न: 28. मुख गुहा से भोजन कहा पहुँचता हैं? उत्तर: मुख गुहा से भोजन ग्रसनी द्वारा निगल द्वार में जाता है जहाँ से ये ग्रासनली में होता हुआ आमाशय में
पहुँचता हैं।
प्रश्न: 29. ग्रसनी के द्वार में तरंग की तरह होने वाली सिकुड़न एवं फैलाव को क्या कहते हैं? उत्तर: ग्रसनी के द्वार में होने वाली सिकुड़न एवम फैलाव को
कर्मानुकुंचन कहते हैं।।
प्रश्न:30. भोजन में मौजूद प्रोटोन को पेप्टोन में कौन सा एंजाइम परिवर्तित करता है? उत्तर: भोजन में मौजूद पेप्सिन नामक एंजाइम पेप्टोन में बदल देते हैं।
प्रश्न:31. आहारनाल के सबसे लंबे भाग को क्या कहते हैं? उत्तर:आहार सबसे लंबे भाग को छोटीआन्त कहते हैं। जिसकी लंबाई 6m होती है।।
प्रश्न:32.शरीर के सबसे बड़ी ग्रंथि को क्या कहते हैं? उत्तर: शरीर के सबसे बड़ी ग्रंथि को यकृत कहते हैं जिसका वजन 1.5kg होता है। प्रश्न:33.पाचन की क्रिया कहा पूर्ण होती है । उत्तर: पाचन की क्रिया इलियम में समाप्त होती है।
प्रश्न:34. छोटीआन्त एवं बड़िआन्त के जोड़ पर अवस्थित नली को क्या कहते हैं ?उत्तर: छोटीआन्त एवं बड़िआन्त के जोड़ पर अवस्थित नली को सिकम कहते हैं।
प्रश्न: 35.अपना भोजन अस्थायी तौर पर कहा संचित रहता है? उत्तर: अपना भोजन अस्थायी तौर पर बड़िआन्त के रेक्टम में संचित रहता है?
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प्रश्न:1. जीवों के लिए पोषण क्यों अनिवार्य है? उत्तर: पोषण के द्वारा जीव शरीर को ऊर्जा तथा उष्मा की प्राप्ति होती है। टूटे फूटे कोशिकाओं की मरम्मत
जीव शरीर की वृद्धि इसलिए जीव शरीर के लिए पोषण अनिवार्य है।
प्रश्न:2. पोषण से आप क्या समझते हैं उतर: वह विधि जिसके द्वारा जीव पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करते हैं उसे पोषण कहते हैं।
प्रश्न:3. स्वपोषण में किन किन परिस्थितियों का होना आवश्यक है? इसके उतपोत्पाद क्या है? स्वपोषण में चार परिस्थितियों का होना आवश्यक है। I.सूर्य का प्रकाश II.हरितलवक III.जल एवं खनिज लवण IV . Co2 गैस
प्रश्न: 4.परपोषण से आप क्या समझते हैं? उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव अपने अलग बगल के वातावरण में मौजूद पौधों और जन्तुओं से या किसी पदार्थ
पदार्थ से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उसे पर पोषण कहते हैं
प्रश्न: 5 . मृतजीवी पोषण को क्या कहते हैं उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव सड़े गले पदार्थ से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उसे मृतजीवी पोषण कहते हैं जैसे कवक गोबर छत्ता इत्यादि
प्रश्न: 6 परजीवी पोषण क्या है ? उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव दूसरे जीव के संपर्क में स्थाई या अस्थाई रहकर अपना भोजन प्राप्त करता है उसे परजीवी पोषण कहते हैं जैसे गोल कृमि फीता कृमि इत्यादि
प्रश्न: 7 . प्राणी संपोषिण जीव किसे कहते हैं ? उत्तर: ऐसे जीव जो अपने अलग बगल के वातावरण से मौजूद पौधों एवं जंतुओं से भोज्य पदार्थ को ग्रहण कर उसे चबाकर या बिना चबाए उसे निगल जाते हैं उसे प्राणी संपोषित जीव कहते हैं
प्रश्न: 8 प्रकाश संश्लेषण से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :हरे पौधों द्वारा सूरज का प्रकाश की उपस्थिति में co2 और जल से ग्लूकोज बनाने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरूप अन्य कार्बनिक पदार्थ भी बनते हैं।
प्रश्न: 9. पतियों को प्रकाश संश्लेषि अंग क्यों कहा जाता है? उतर: पतियों में हरितलवक की मात्रा अधिक होती है इनके पैलिसेड अधिक होते हैं तथा स्पंजी पैरिकइमा में अनेक क्लोरोप्लास्ट भरे होते हैं। इसलिए पतियों को प्रकाश संश्लेषी अंग कहा जाता है।
प्रश्न :10. भोजन के पाचन से आप क्या समझते हैं ?उत्तर: अघुलनशील ठोस भोज्य पदार्थ का आहार नाल में विभिन्न प्रकार के एंजाइम की उपस्थिति में घुलनशील एवं जटिल से सरल अणुओं में बदलने की क्रिया को भोजन का पाचन कहते हैं ।
प्रश्न: 11. मनुष्य के मुख गुहा में कितनी जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती है? उत्तर: मनुष्य के मुंह में 3 जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती है (1) पैरोटिड लार ग्रंथि (2) सबमंडीबुलर लार ग्रंथि
(3) सबलिंगुआल लार ग्रंथि
प्रश्न:12. मनुष्य में आमाशय कितने भागों में बटा होता है? उनके नाम लिखे। उत्तर: मनुष्य में आमाशय तीन भागों में बटा होता है उनके नाम निम्नलिखित हैं। (1) कार्डिएक भाग (2) फूंदी भाग (3) पाएलोरिक भाग
प्रश्न: 13. मनुष्य के छोटी आत की लंबाई कितनी होती है? छोटी आत के तीन भागों के नाम लिखें। उत्तर: मनुष्य के छोटी आत की लंबाई लगभग 6 मीटर होती है उनके नाम निम्नलिखित हैं (1) ग्रहणी (2) जेजूनम (3) इलियम
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प्रश्न:1. पोषण किसे कहते हैं जीवों में होने वाले विभिन्न पोषण विधियों का उल्लेख करें? उत्तर: वह विधि जिसके द्वारा जीव पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करते हैं उन्हें पोषण कहते हैं पोषण दो प्रकार में बांटा गया है 1.स्वपोषण और 2. परपोषण 1.स्वपोषण: पोषण की वह विधि जिसमें जी अपना भोजन स्वयं बनाते हैं उन्हें स्वपोषी कहते हैं जैसे हरे पौधे 2. परपोषण: पोषण की विधि जिसमें जीव अपना भोजन अपने अलग बगल के वातावरण से किसी ना किसी रूप में प्राप्त करते हैं उन्हें परपोषण कहते हैं जैसे मनुष्य गाय भैंस गोबर छत्ता इत्यादि
पर पोषण को तीन प्रकार में बांटा गया है (1) मृतजीवी पोषण: पोषण की वह विधि जिसमें जीव सड़े गले मृत पदार्थों से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें मृतजीवी पोषण कहते हैं जैसे गोबर छत्ता फफूंदी इत्यादि (2) परजीवी पोषण: पोषण की विधि जिसमें जीव किसी दूसरे जीव शरीर के अंदर या बाहर रहकर उससे पोषक पदार्थों को चुसते हैं उसे परजीवी पोषण कहते हैं तथा ऐसे जीव परजीवी कहलाते हैं जो इनका पोषण करते हैं उन्हें परपोषी कहते हैं जैसे मनुष्य परपोषित है और गोल कृमि परजीवी है ऐसे परजीवी जो मनुष्य के शरीर के अंदर रहते हैं उसे अंतः परजीवी कहते हैं जैसे गोलकृमि, फीताकृमि, ऋणकिर्मी इत्यादि ऐसे परजीवी जो परपोषी के शरीर के बाहर रहकर अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें बाहय परजीवी कहते हैं जैसे खटमल जोंक मादा एनाफिलीज मच्छर (3) प्राणीसंपोषिण: पोषण की वह विधि जिसमें जीव अपने अलग बगल के वातावरण से भोज्य पदार्थों को ग्रहण कर उसे चबाकर या बिना चबाए निगल जाते हैं उन्हें प्राणीसंपोषिण कहते हैं जैसे मनुष्य, गाय, कुत्ता, बिल्ली इत्यादि
प्रश्न:2. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया को संक्षेप में समझाएं।
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया हरे पौधों में होती है हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में co2 और जल द्वारा ग्लूकोज बनाते हैं हरे पौधे का प्रकाश संश्लेषी अंग पतियाँ है । पतियों के पैलिसेड तथा स्पॉन्जी पैरिकइमा में अनेक क्लोरोप्लास्ट भरे होते हैं जब सूरज का प्रकाश हरित लवक पर पड़ता है तो वह अवशोषित कर उत्सर्जित होते हैं और जल के अणुओं को तोड़ तोड़कर H+ आयन मुक्त करते हैं ये H+ आयन NADP से मिलकर NADPH बनाते हैं जो यह प्रक्रिया सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होती है इसलिए इसे प्रकाशिक प्रतिक्रिया light reaction या hill reaction कहते हैं क्योंकि इसे hill नामक वैज्ञानिक ने खोजा था सूरज के प्रकाश की अनुपस्थिति में CO2 से प्रतिक्रिया ग्लूकोज का निर्माण करते हैं इसलिए इस प्रतिक्रिया को अप्रकाशिक प्रतिक्रिया dark reaction कहते हैं यह प्रक्रिया एक चक्र में के रूप में पूरी होती है जिसकी खोज मैलविन कैल्विन नामक वैज्ञानिक ने की थी इसलिए इसे कैल्विन चक्र भी कहते हैं
प्रश्न:3. एक प्रयोग द्वारा दर्शाएं की प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल आवश्यक है
उत्तर: प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए क्लोरोफिल आवश्यक है इसे दर्शाने के लिए कोलियस या क्रोटन चित्तीदार पत्ती लेते हैं उसे हरे और सफेद भागों पर निशान बनाकर उसे अल्कोहल में डालते हैं जिसके फलस्वरूप पति का क्लोरोफिल घुल जाता है और पति रंगहीन हो जाती है पति के रंगहीन हो जाने के बाद उसे गर्म करना छोड़ देते हैं कुछ देर तक उसे ठंडा होने के लिए छोड़ देते हैं फिर सावधानीपूर्वक पति को अल्कोहल से निकालकर पेडिडिस में रखकर उसे पानी में अच्छी तरह धोकर उसके ऊपर आयोडीन का घोल डालते हैं तो हम पाते हैं कि पति का जो भाग हरा था वह नीला हो जाता है और जो उजला था उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था इससे स्पष्ट होता है कि हरे भागों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फल स्वरूप मण्ड का निर्माण हुआ है किंतु उजले भागों में नहीं इससे स्पष्ट होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए हरितलवक आवश्यक है ।
प्रश्न: 4. प्रकाश संश्लेषण के लिए co2 आवश्यक हैं इसे साबित करने के लिए एक प्रयोग का वर्णन करें।
उतर: एक लंबी पत्ती वाले पौधों को जो गमले में लगा हो 2 दिनों तक अंधेरे में रख दे इससे इस पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया नहीं हो पाएगी और पत्तियों में स्टार्च नहीं बनेगा अब एक चौड़े मुंह वाले बोतल में थोड़ा सा कास्टिक पोटाश (KOH) का घोल ले ले बोतल के कॉर्क को बीचो-बीच काट कर दो टुकड़ों में बांट दें और टुकड़ों के बीच पति को इस प्रकार दबा कर डाले की पत्ती का आधा भाग बोतल के अंदर और पति का आधा भाग बोतल से बाहर। उपकरण को कुछ घंटों के लिए सूर्य के प्रकाश में छोड़ दे करीब 4 घंटों के बाद बोतल से बाहर निकाल कर तोड़ लें एवं स्टार्च की मौजूदगी जांच लें इसके लिए पति को अल्कोहल में थोड़ी देर तक उबालें जब पति रंगहीन हो जाए तो उसे पानी से धोकर आयोडीन के घोल में डूबा देंगे की पत्ती का वह भाग जो बोतल के बाहर था गाढे नीले रंग का हो जाता है तथा जो भाग अंदर था वह हल्के पीले रंग का हो जाता है इसका कारण यह है कि आयोडीन स्टार्च को नीला कर देता है पति का वह भाग बोतल के अंदर था नीला होगा क्योंकि पोटाश का घोल कार्बन डाइऑक्साइड को सोख लेता है जिससे पति के भीतरी भाग में स्टार्च नहीं बन पाता है इस प्रयोग से साबित होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड आवश्यक है
प्रश्न: 5 अमीबा का भोजन क्या है ? अमीबा में पोषण का वर्णन करें ।
उत्तर : अमीबा का भोजन शैवाल के छोटे-छोटे टुकड़े बैक्टरिया डायटम एवं अन्य एक कोशकीय जीव और मृत कार्बनिक पदार्थ के छोटे-छोटे टुकड़े हैं अमीबा के पोषण अंतग्रहण पाचन तथा बहिष्करण प्रक्रिया द्वारा पूर्ण होता है
जैसे भोजन के कण उसकी प्लाज्मा झिल्ली से सटते हैं वह एक बूंद जल के साथ खधानी बनाकर उसे ग्रहण कर लेता है इस क्रिया में पहले वह धीरे-धीरे कूटपाद बनाकर और फिर एक बूंद जल के साथ खधानी में बदल देता है खाधानी में हि एंजाइम के द्वारा भोजन का पाचन होता है और बचा हुआ भोजन खधानी से निकलकर कोशिका द्रव के पूरे भाग में वितरित हो जाता है और अपना भोजन शरीर के लिए किसी भाग अस्थाई छिद्र द्वारा सही से बाहर निकाल लिया जाता है
प्रश्न:6. मनुष्य के आहार नाल की रचना का वर्णन करें ।
उत्तर: मनुष्य की आहार नाल की रचना काफी जटिल होती है आहार नाल एक कुंडलीत रचना है जिसकी लंबाई 8 से 10 मीटर तक होती है यह मुखगुहा से शुरू होकर मलद्वार तक फैली होती है मुख्य ऊपरी तथा निचली जबड़े से घिरी होती है तथा इसे बंद करने के लिए ऊपर तथा नीचे दो मांसल होंठ होते हैं मुखगुहा के अंदर दांत तथा जीभ और लार ग्रंथियां होती है जीभ में स्वाद कणिकाएं होती है जो भोजन के स्वाद को बताने का कार्य करती है दांत द्वारा भोजन चबाए जाते हैं लार द्वारा भोजन गिला तथा लाससा बनता है लार में मौजूद एंजाइम कार्बोहाइड्रेट का पाचन भी करते हैं मुखगुहा ग्रसनी में और ग्रसनी ग्रासनली आमाशय में खुलती है जो एक चौड़ी थैली जैसी रचना होती है और उदर गुहा में बाई ओर स्थित होती है आमाशय छोटीआँत ग्रहनी में ग्रहनी जेजूनम में खुलती है छोटी आंत का निचला भाग इलियम कहलाता है जो बड़ीआँत के कोलोन में मलाशय में और मलाशय मलद्वार के रूप में शरीर से बाहर खुलता है इसके अतिरिक्त वृताशय तथा अग्नाशय ग्रंथि होती है जिनसे निकलने वाली पाचक रस भोजन के पाचन में सहायता करती है
Rk coaching centre
Lala chhapra ,kesariya ,sattarghat road
By:-Rohit goswami (6204932578)
Class :- IX & X
Website: www.grclasses.tk
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प्रश्न: 2. बहुकोशिकीय जीवों में आक्सिजन की आवश्यकता विसरण द्वारा क्यों पूरी नहीं हो पाती है? उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों की शारीरिक रचना जटिल होती इसलिए उनमें आक्सीजन की आवश्यकता विसरण द्वारा पूरी नहीं हो पाती है।
प्रश्न: 3. जीवों में पोषण की विधियाँ प्रमुख दो कौन कौन सी है? उतर:जीवों में पोषण की प्रमुख दो विधिया निम्नलिखित है। 1.स्वपोषण और 2. परपोषित पोषण
प्रश्न: 4 हरे पौधौ मे किस प्रकार का पोषण पाया जाता है।उतर :हरे पौधौ में स्वपोषित पोषण पाया जाता है ।
प्रश्न:5. जंतुओं मे पोषण की कौंन सी पायी जाती है ? उतर: जंतुओं में परपोषी पोषण पाया जाता है
प्रश्न: 6. तीन प्रकार की परपोषण विधियो के नाम लिखे। उतर : तीन प्रकार के परपोषण के नाम निम्नलिखित है (1) मृतजीवी पोषण (2) परजीवी पोषण(3) प्राणी सम्पोषण
प्रश्न 7.: संपूर्ण प्रकाशसंश्लेषण का रसायानिक समीकरण लिखें ।
प्रश्न:8. प्रकाशसंश्लेषण की प्रक्रिया में उत्पोत्पाद के रूप में क्या बनता हैं? उतर: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में उतपोत्पाद के रूप में ऑक्सीजन गैस बनती है
प्रश्न:9. प्रकाश संश्लेषण कि प्रक्रिया हरितलवक या क्लोरोप्लास्ट में ही क्यों होता है। उत्तर: हरितलवक में सूर्य की प्रकाश को अवशोषित करने की क्षमता होती है
इसलिए प्रकाश संश्लेषण हरितलवक में होता है प्रकाश संश्लेषण की क्रिया ग्रना तथा स्टोमेटा में होता है ।
प्रश्न:10 प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए किन किन पदार्थों की आवश्यकता होती है ? उतर: प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए चार पदार्थों की आवश्यकता
होती है जो निम्नलिखित हैं (I) सूर्य का प्रकाश (II) हरितलवक (III) जल और खनिज लवण (IV) co2 गैस
प्रश्न: 11. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए पौधे co2 कहा से प्राप्त करते हैं? उतर: प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए पौधे co2 वायुमंडल से प्राप्त करते हैं।
प्रश्न: 12. कवक और जीवाणुओं में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया क्यों नहीं हो पाती हैं ? उत्तर: कवक और जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होती है इसलिए उनमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया नहीं हो पाती है
प्रश्न:13. पोषण के दृष्टिकोण से अमीबा तथा पैरामीशियम किस प्रकार के जंतु है ? उत्तर: पोषण की दृष्टि से अमिबा तथा पैरामीशियम प्राणीसंपोषण जीव हैं प्रश्न:14 . मनुष्य का आहार नाल कौन-कौन से मुख्य भागों में बटा होता है? उत्तर : मनुष्य की आहार नाल निम्नलिखित भागों में बैठे होते हैं (1) मुखगुहा
(2) ग्रसनी (3) ग्रासनली (4) आमाशय (5) ग्रहणी (6) छोटी आंत तथा बड़ी आंत
प्रश्न : 15 . ग्रसनी में स्थित दो छिद्रों के नाम लिखिए । उत्तर: ग्रसनी में स्थित दो छिद्रों के नाम निम्नलिखित है (1) निगल द्वार और कंठ द्वार
प्रश्न :16. मनुष्य के पाचन आहार नाल के किस भाग में शुरू होता है। उत्तर: मनुष्य में भोजन का पाचन मुख गुहा से शुरू होता है
प्रश्न : 17 . मनुष्य के आहार नाल के किस भाग में पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है। उत्तर : मनुष्य की आहार नाल के इलियम वाले भाग में पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है
प्रश्न :18 . क्लोरोफिल वर्णक कहां पाया जाता है उत्तर: पौधों के हरे भाग में पाया जाता है
प्रश्न : 19 प्रकश संश्लेषण द्वारा पौधों क्या निर्माण करते हैं ? उतर: प्रकाश संश्लेषण द्वारा पौधों ग्लूकोज का निर्माण करते हैं।
प्रश्न :20 . मृतजीवी को क्या कहा जाता है । उत्तर: मृतजीवी को सैप्रोफाईड भी कहते हैं।
प्रश्न: 21 जिस जीव के शरीर से परजीवी अपना भोजन प्राप्त करते हैं वे क्या कहलाते हैं? जिस जीव के शरीर से परजीवी अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें परपोषी कहते हैं
प्रश्न:22 . गोबर छत्ता से किस प्रकार का पोषण होता है । उत्तर: गोबर छत्ता से मृतजीवी पोषण होता है
प्रश्न: 23. पतियों का कौन सा अंग co2 युक्त का प्रवेश द्वार होता है ? उत्तर: पतियों का स्टोमेटा अंग co2 युक्त वायु का प्रवेश द्वार होता है।
प्रश्न :24 पोषण की दृष्टि से जन्तुओं को क्या कहा जाता है ? उतर: पोषण की दृष्टि से जंतुओं को प्राणीसंपोषिण कहा जाता है।
प्रश्न: 26. मनुष्य में पाचन के लिए विशेष अंग को क्या कहा जाता है? उतर: मनुष्य में पाचन के लिए विशेष अंग को आहार नाल कहते हैं।।
प्रश्न: 27.मनुष्य के जीभ के ऊपरी सतह पर पाए जाने वाले संरचना को क्या कहते हैं उत्तर: मनुष्य के जीभ के ऊपरी सतह पर पाए जाने वाले संरचना को
स्वाद कलिकाएँ कहते हैं।।
प्रश्न: 28. मुख गुहा से भोजन कहा पहुँचता हैं? उत्तर: मुख गुहा से भोजन ग्रसनी द्वारा निगल द्वार में जाता है जहाँ से ये ग्रासनली में होता हुआ आमाशय में
पहुँचता हैं।
प्रश्न: 29. ग्रसनी के द्वार में तरंग की तरह होने वाली सिकुड़न एवं फैलाव को क्या कहते हैं? उत्तर: ग्रसनी के द्वार में होने वाली सिकुड़न एवम फैलाव को
कर्मानुकुंचन कहते हैं।।
प्रश्न:30. भोजन में मौजूद प्रोटोन को पेप्टोन में कौन सा एंजाइम परिवर्तित करता है? उत्तर: भोजन में मौजूद पेप्सिन नामक एंजाइम पेप्टोन में बदल देते हैं।
प्रश्न:31. आहारनाल के सबसे लंबे भाग को क्या कहते हैं? उत्तर:आहार सबसे लंबे भाग को छोटीआन्त कहते हैं। जिसकी लंबाई 6m होती है।।
प्रश्न:32.शरीर के सबसे बड़ी ग्रंथि को क्या कहते हैं? उत्तर: शरीर के सबसे बड़ी ग्रंथि को यकृत कहते हैं जिसका वजन 1.5kg होता है। प्रश्न:33.पाचन की क्रिया कहा पूर्ण होती है । उत्तर: पाचन की क्रिया इलियम में समाप्त होती है।
प्रश्न:34. छोटीआन्त एवं बड़िआन्त के जोड़ पर अवस्थित नली को क्या कहते हैं ?उत्तर: छोटीआन्त एवं बड़िआन्त के जोड़ पर अवस्थित नली को सिकम कहते हैं।
प्रश्न: 35.अपना भोजन अस्थायी तौर पर कहा संचित रहता है? उत्तर: अपना भोजन अस्थायी तौर पर बड़िआन्त के रेक्टम में संचित रहता है?
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प्रश्न:1. जीवों के लिए पोषण क्यों अनिवार्य है? उत्तर: पोषण के द्वारा जीव शरीर को ऊर्जा तथा उष्मा की प्राप्ति होती है। टूटे फूटे कोशिकाओं की मरम्मत
जीव शरीर की वृद्धि इसलिए जीव शरीर के लिए पोषण अनिवार्य है।
प्रश्न:2. पोषण से आप क्या समझते हैं उतर: वह विधि जिसके द्वारा जीव पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करते हैं उसे पोषण कहते हैं।
प्रश्न:3. स्वपोषण में किन किन परिस्थितियों का होना आवश्यक है? इसके उतपोत्पाद क्या है? स्वपोषण में चार परिस्थितियों का होना आवश्यक है। I.सूर्य का प्रकाश II.हरितलवक III.जल एवं खनिज लवण IV . Co2 गैस
प्रश्न: 4.परपोषण से आप क्या समझते हैं? उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव अपने अलग बगल के वातावरण में मौजूद पौधों और जन्तुओं से या किसी पदार्थ
पदार्थ से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उसे पर पोषण कहते हैं
प्रश्न: 5 . मृतजीवी पोषण को क्या कहते हैं उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव सड़े गले पदार्थ से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उसे मृतजीवी पोषण कहते हैं जैसे कवक गोबर छत्ता इत्यादि
प्रश्न: 6 परजीवी पोषण क्या है ? उत्तर: पोषण की वह विधि जिसमें जीव दूसरे जीव के संपर्क में स्थाई या अस्थाई रहकर अपना भोजन प्राप्त करता है उसे परजीवी पोषण कहते हैं जैसे गोल कृमि फीता कृमि इत्यादि
प्रश्न: 7 . प्राणी संपोषिण जीव किसे कहते हैं ? उत्तर: ऐसे जीव जो अपने अलग बगल के वातावरण से मौजूद पौधों एवं जंतुओं से भोज्य पदार्थ को ग्रहण कर उसे चबाकर या बिना चबाए उसे निगल जाते हैं उसे प्राणी संपोषित जीव कहते हैं
प्रश्न: 8 प्रकाश संश्लेषण से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :हरे पौधों द्वारा सूरज का प्रकाश की उपस्थिति में co2 और जल से ग्लूकोज बनाने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरूप अन्य कार्बनिक पदार्थ भी बनते हैं।
प्रश्न: 9. पतियों को प्रकाश संश्लेषि अंग क्यों कहा जाता है? उतर: पतियों में हरितलवक की मात्रा अधिक होती है इनके पैलिसेड अधिक होते हैं तथा स्पंजी पैरिकइमा में अनेक क्लोरोप्लास्ट भरे होते हैं। इसलिए पतियों को प्रकाश संश्लेषी अंग कहा जाता है।
प्रश्न :10. भोजन के पाचन से आप क्या समझते हैं ?उत्तर: अघुलनशील ठोस भोज्य पदार्थ का आहार नाल में विभिन्न प्रकार के एंजाइम की उपस्थिति में घुलनशील एवं जटिल से सरल अणुओं में बदलने की क्रिया को भोजन का पाचन कहते हैं ।
प्रश्न: 11. मनुष्य के मुख गुहा में कितनी जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती है? उत्तर: मनुष्य के मुंह में 3 जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती है (1) पैरोटिड लार ग्रंथि (2) सबमंडीबुलर लार ग्रंथि
(3) सबलिंगुआल लार ग्रंथि
प्रश्न:12. मनुष्य में आमाशय कितने भागों में बटा होता है? उनके नाम लिखे। उत्तर: मनुष्य में आमाशय तीन भागों में बटा होता है उनके नाम निम्नलिखित हैं। (1) कार्डिएक भाग (2) फूंदी भाग (3) पाएलोरिक भाग
प्रश्न: 13. मनुष्य के छोटी आत की लंबाई कितनी होती है? छोटी आत के तीन भागों के नाम लिखें। उत्तर: मनुष्य के छोटी आत की लंबाई लगभग 6 मीटर होती है उनके नाम निम्नलिखित हैं (1) ग्रहणी (2) जेजूनम (3) इलियम
👉दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर
प्रश्न:1. पोषण किसे कहते हैं जीवों में होने वाले विभिन्न पोषण विधियों का उल्लेख करें? उत्तर: वह विधि जिसके द्वारा जीव पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करते हैं उन्हें पोषण कहते हैं पोषण दो प्रकार में बांटा गया है 1.स्वपोषण और 2. परपोषण 1.स्वपोषण: पोषण की वह विधि जिसमें जी अपना भोजन स्वयं बनाते हैं उन्हें स्वपोषी कहते हैं जैसे हरे पौधे 2. परपोषण: पोषण की विधि जिसमें जीव अपना भोजन अपने अलग बगल के वातावरण से किसी ना किसी रूप में प्राप्त करते हैं उन्हें परपोषण कहते हैं जैसे मनुष्य गाय भैंस गोबर छत्ता इत्यादि
पर पोषण को तीन प्रकार में बांटा गया है (1) मृतजीवी पोषण: पोषण की वह विधि जिसमें जीव सड़े गले मृत पदार्थों से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें मृतजीवी पोषण कहते हैं जैसे गोबर छत्ता फफूंदी इत्यादि (2) परजीवी पोषण: पोषण की विधि जिसमें जीव किसी दूसरे जीव शरीर के अंदर या बाहर रहकर उससे पोषक पदार्थों को चुसते हैं उसे परजीवी पोषण कहते हैं तथा ऐसे जीव परजीवी कहलाते हैं जो इनका पोषण करते हैं उन्हें परपोषी कहते हैं जैसे मनुष्य परपोषित है और गोल कृमि परजीवी है ऐसे परजीवी जो मनुष्य के शरीर के अंदर रहते हैं उसे अंतः परजीवी कहते हैं जैसे गोलकृमि, फीताकृमि, ऋणकिर्मी इत्यादि ऐसे परजीवी जो परपोषी के शरीर के बाहर रहकर अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें बाहय परजीवी कहते हैं जैसे खटमल जोंक मादा एनाफिलीज मच्छर (3) प्राणीसंपोषिण: पोषण की वह विधि जिसमें जीव अपने अलग बगल के वातावरण से भोज्य पदार्थों को ग्रहण कर उसे चबाकर या बिना चबाए निगल जाते हैं उन्हें प्राणीसंपोषिण कहते हैं जैसे मनुष्य, गाय, कुत्ता, बिल्ली इत्यादि
प्रश्न:2. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया को संक्षेप में समझाएं।
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया हरे पौधों में होती है हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में co2 और जल द्वारा ग्लूकोज बनाते हैं हरे पौधे का प्रकाश संश्लेषी अंग पतियाँ है । पतियों के पैलिसेड तथा स्पॉन्जी पैरिकइमा में अनेक क्लोरोप्लास्ट भरे होते हैं जब सूरज का प्रकाश हरित लवक पर पड़ता है तो वह अवशोषित कर उत्सर्जित होते हैं और जल के अणुओं को तोड़ तोड़कर H+ आयन मुक्त करते हैं ये H+ आयन NADP से मिलकर NADPH बनाते हैं जो यह प्रक्रिया सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होती है इसलिए इसे प्रकाशिक प्रतिक्रिया light reaction या hill reaction कहते हैं क्योंकि इसे hill नामक वैज्ञानिक ने खोजा था सूरज के प्रकाश की अनुपस्थिति में CO2 से प्रतिक्रिया ग्लूकोज का निर्माण करते हैं इसलिए इस प्रतिक्रिया को अप्रकाशिक प्रतिक्रिया dark reaction कहते हैं यह प्रक्रिया एक चक्र में के रूप में पूरी होती है जिसकी खोज मैलविन कैल्विन नामक वैज्ञानिक ने की थी इसलिए इसे कैल्विन चक्र भी कहते हैं
प्रश्न:3. एक प्रयोग द्वारा दर्शाएं की प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल आवश्यक है
उत्तर: प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए क्लोरोफिल आवश्यक है इसे दर्शाने के लिए कोलियस या क्रोटन चित्तीदार पत्ती लेते हैं उसे हरे और सफेद भागों पर निशान बनाकर उसे अल्कोहल में डालते हैं जिसके फलस्वरूप पति का क्लोरोफिल घुल जाता है और पति रंगहीन हो जाती है पति के रंगहीन हो जाने के बाद उसे गर्म करना छोड़ देते हैं कुछ देर तक उसे ठंडा होने के लिए छोड़ देते हैं फिर सावधानीपूर्वक पति को अल्कोहल से निकालकर पेडिडिस में रखकर उसे पानी में अच्छी तरह धोकर उसके ऊपर आयोडीन का घोल डालते हैं तो हम पाते हैं कि पति का जो भाग हरा था वह नीला हो जाता है और जो उजला था उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था इससे स्पष्ट होता है कि हरे भागों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फल स्वरूप मण्ड का निर्माण हुआ है किंतु उजले भागों में नहीं इससे स्पष्ट होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए हरितलवक आवश्यक है ।
प्रश्न: 4. प्रकाश संश्लेषण के लिए co2 आवश्यक हैं इसे साबित करने के लिए एक प्रयोग का वर्णन करें।
उतर: एक लंबी पत्ती वाले पौधों को जो गमले में लगा हो 2 दिनों तक अंधेरे में रख दे इससे इस पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया नहीं हो पाएगी और पत्तियों में स्टार्च नहीं बनेगा अब एक चौड़े मुंह वाले बोतल में थोड़ा सा कास्टिक पोटाश (KOH) का घोल ले ले बोतल के कॉर्क को बीचो-बीच काट कर दो टुकड़ों में बांट दें और टुकड़ों के बीच पति को इस प्रकार दबा कर डाले की पत्ती का आधा भाग बोतल के अंदर और पति का आधा भाग बोतल से बाहर। उपकरण को कुछ घंटों के लिए सूर्य के प्रकाश में छोड़ दे करीब 4 घंटों के बाद बोतल से बाहर निकाल कर तोड़ लें एवं स्टार्च की मौजूदगी जांच लें इसके लिए पति को अल्कोहल में थोड़ी देर तक उबालें जब पति रंगहीन हो जाए तो उसे पानी से धोकर आयोडीन के घोल में डूबा देंगे की पत्ती का वह भाग जो बोतल के बाहर था गाढे नीले रंग का हो जाता है तथा जो भाग अंदर था वह हल्के पीले रंग का हो जाता है इसका कारण यह है कि आयोडीन स्टार्च को नीला कर देता है पति का वह भाग बोतल के अंदर था नीला होगा क्योंकि पोटाश का घोल कार्बन डाइऑक्साइड को सोख लेता है जिससे पति के भीतरी भाग में स्टार्च नहीं बन पाता है इस प्रयोग से साबित होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड आवश्यक है
प्रश्न: 5 अमीबा का भोजन क्या है ? अमीबा में पोषण का वर्णन करें ।
उत्तर : अमीबा का भोजन शैवाल के छोटे-छोटे टुकड़े बैक्टरिया डायटम एवं अन्य एक कोशकीय जीव और मृत कार्बनिक पदार्थ के छोटे-छोटे टुकड़े हैं अमीबा के पोषण अंतग्रहण पाचन तथा बहिष्करण प्रक्रिया द्वारा पूर्ण होता है
जैसे भोजन के कण उसकी प्लाज्मा झिल्ली से सटते हैं वह एक बूंद जल के साथ खधानी बनाकर उसे ग्रहण कर लेता है इस क्रिया में पहले वह धीरे-धीरे कूटपाद बनाकर और फिर एक बूंद जल के साथ खधानी में बदल देता है खाधानी में हि एंजाइम के द्वारा भोजन का पाचन होता है और बचा हुआ भोजन खधानी से निकलकर कोशिका द्रव के पूरे भाग में वितरित हो जाता है और अपना भोजन शरीर के लिए किसी भाग अस्थाई छिद्र द्वारा सही से बाहर निकाल लिया जाता है
प्रश्न:6. मनुष्य के आहार नाल की रचना का वर्णन करें ।
उत्तर: मनुष्य की आहार नाल की रचना काफी जटिल होती है आहार नाल एक कुंडलीत रचना है जिसकी लंबाई 8 से 10 मीटर तक होती है यह मुखगुहा से शुरू होकर मलद्वार तक फैली होती है मुख्य ऊपरी तथा निचली जबड़े से घिरी होती है तथा इसे बंद करने के लिए ऊपर तथा नीचे दो मांसल होंठ होते हैं मुखगुहा के अंदर दांत तथा जीभ और लार ग्रंथियां होती है जीभ में स्वाद कणिकाएं होती है जो भोजन के स्वाद को बताने का कार्य करती है दांत द्वारा भोजन चबाए जाते हैं लार द्वारा भोजन गिला तथा लाससा बनता है लार में मौजूद एंजाइम कार्बोहाइड्रेट का पाचन भी करते हैं मुखगुहा ग्रसनी में और ग्रसनी ग्रासनली आमाशय में खुलती है जो एक चौड़ी थैली जैसी रचना होती है और उदर गुहा में बाई ओर स्थित होती है आमाशय छोटीआँत ग्रहनी में ग्रहनी जेजूनम में खुलती है छोटी आंत का निचला भाग इलियम कहलाता है जो बड़ीआँत के कोलोन में मलाशय में और मलाशय मलद्वार के रूप में शरीर से बाहर खुलता है इसके अतिरिक्त वृताशय तथा अग्नाशय ग्रंथि होती है जिनसे निकलने वाली पाचक रस भोजन के पाचन में सहायता करती है
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