कक्षा 10 विज्ञान – कक्षा 10वीं के छात्र हमारे इस पेज से विज्ञान के NCERT SOLUTIONS प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 7 नियंत्रण और समन्वय, control and coordination) के हल इस पेज पर नीचे दिये गये हैं। अगर आप परीक्षा में पूछे जानें वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्न जानना चाहते हैं तो 10वीं विज्ञान के NCERT SOLUTIONS डाउनलोड कर सकते हैं। NCERT SOLUTIONS की सहायता से आप अपनी परीक्षा की तैयारी और अच्छे से कर सकते हैं। छात्र NCERT SOLUTIONS में दिए महत्त्वपूर्ण प्रश्नों को हल कर सकते हैं। प्रश्नों को हल करने के बाद आप अपने उत्तरों की जांच भी आसानी से कर सकते हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर भी NCERT SOLUTIONS में दिये गए हैं। कक्षा 10वी के छात्रों को बता दें कि आप NCERT SOLUTIONS और VVI प्रश्नों के साथ – साथ इस Page पर Reading कर सकते हैं। छात्र रोज एक page को हल करने की कोशिश करें। अधिक जानकारी के लिए पेज को पूरा पढ़ें।
- Class:- 10th
- Subject:- science (नियंत्रण और समन्वय, control and coordination)
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| Chapter 7 Control and Coordination |
(अध्याय-6)(नियंत्रण और समन्वय)
Page 132
प्रश्न 1 : प्रतिवर्ती क्रिया तथा टहलने के बीच क्या अंतर है ?
उत्तर 1 :
- प्रतिवर्ती क्रिया : पर्यावरण में किसी घटना की अनुक्रिया के फलस्वरूप अचानक हुई क्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं । जैसे किसी गरम बर्तन पर अचानक हाथ लगने पर उससे बचने के लिए तेजी से हाथ का हटाना । इस प्रकार की क्रियाओं पर हमारे सोचने ( मस्तिष्क ) का कोई नियंत्रण नहीं होता है ।
- टहलना : टहलना हमारे सोचने पर निर्भर करता है । यह एक ऐच्छिक क्रिया है जो हमारी सोच समझ पर निर्भर करता है । यह क्रिया मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित होती है ।
प्रश्न 2 : दो तंत्रिका कोशिकाओं ( न्यूरॉन ) के मध्य अंतर्ग्रथन ( सिनेप्स ) में क्या होता है ?
उत्तर 2 :
विभिन्न तंत्रिका कोशिकाओं में सूचनाओं के आदान प्रदान में सिनेप्स ( अंतर्ग्रथन ) सहायक होता है । यह तंत्रिका कोशिका द्वारा भेजी गई सूचनाओं को ( जो विद्युत आवेग के रूप में होती है ) रसायनों में विवेचित कर देता है ताकि ये रसायन दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच के रिक्त स्थान को पार करके दूसरी तंत्रिका कोशिका में प्रवेश कर सके ।
प्रश्न 3 : मस्तिष्क का कौन सा भाग शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है ?
उत्तर 3 :
पश्चमस्तिष्क में स्थित अनुमस्तिष्क शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है ।
प्रश्न4 : हम एक अगरबत्ती की गंध का पता कैसे लगते हैं ?
उत्तर 4 :
अगरबत्ती की गंध को ज्ञानेंद्री नाक द्वारा ग्रहण करने के बाद , नाक में उपस्थित तंत्रिका कोशिका द्वारा विद्युत आवेग में परिवर्तित करके अन्य तंत्रिका कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है । अन्य तंत्रिका कोशिकाएँ अगली तंत्रिका कोशिकाओं तक पहुंचते है और अंत में अग्रमस्तिष्क में पहुँचती है । अग्रमस्तिष्क में अगरबत्ती के बारे में जानकारी पहले से ही उपस्थित रहती है जिससे हम इसकी गंध का पता लगा लेते हैं ।
प्रश्न 5 : प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है ?
उत्तर 5 :
मस्तिष्क शरीर का मुख्य समन्वय केंद्र है । मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु केंद्रीय तंत्रिका तंत्र बनाते हैं । ये शरीर के विभिन्न भागों से सूचनाएँ प्राप्त करके उनका आंकलन करते हैं । ये क्रियाएँ मध्य मस्तिष्क तथा पश्चमस्तिष्क से नियंत्रित होती है।
प्रश्न 1 : पादप हॉर्मोन क्या हैं ?
उत्तर 1 :
पौधों के अंदर उद्दीपन ग्रहण करने वाली कोशिकाओं द्वारा स्रावित वे रासायनिक पदार्थ जो पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करते हैं , पादप हार्मोन कहलाते हैं । जैसे : जिब्बरेलिन , ऑक्सिन , साइटोकाइनिन , एब्सिसिक अम्ल आदि ।
प्रश्न 2 : छुई - मुई पादप की पत्तियों की गति , प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से किस प्रकार भिन्न हैं ?
उत्तर 2 :
छुई - मुई के पौधे की पत्तियों की गति , वृद्धि से सम्बंधित नहीं है । जब हम पौधे को स्पर्श करते हैं तो स्पर्श होने की सूचना को संचारित करने के लिए कोशिकाएँ अपनी आकृति बदल लेती हैं । पादप कोशिकाओं में विशेष प्रोटीन नहीं होते हैं पर ये जल की मात्रा में परिवर्तन करके अपनी आकृति बदल लेती हैं । जिसके कारण उनका आकर बदलता हुआ नजर आता है । छुई मुई के पौधे में यह गति स्पर्श के कारण होती है और गति में तीव्रता होती है । जबकि प्रकाश की ओर प्ररोह की गति अपेक्षाकृत धीमी होती है तथा एक विशेष दिशा में ही होती है ।
प्रश्न 3 : एक पादप हॉर्मोन का उदहारण दीजिए जो वृद्धि को बढ़ाता है ।
उत्तर 3 :
पादप हार्मोन जिब्बरेलिन , ऑक्सिन , साइटोकाइनिन आदि सभी वृद्धि को बढ़ाते हैं । केवल एब्सिसिक अम्ल ही वृद्धि को रोकता है।
प्रश्न 4 : किसी सहारे के चारों ओर एक प्रतान की वृद्धि में ऑक्सिन किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर 4 :
ऑक्सिन प्ररोह के अग्रभाग में संश्लेषित होता है तथा कोशिकाओं की वृद्धि में सहायक होता है । ऑक्सिन स्पर्श के लिए संवेदनशील होता है । जब प्रतान किसी आधार के संपर्क में आते हैं तो ऑक्सिन विसरित होकर दूसरी ओर चला जाता है । ऑक्सिन का सांद्रण दूसरी ओर अधिक होने के कारण , वह भाग अधिक तीव्रता से बढ़ता है । इस प्रकार प्रतान मुड़ जाता है और वस्तु को जकड़ना शुरू कर देता है और धीरे धीरे चारों ओर से जकड़ लेता है ।
प्रश्न : जलानुवर्तन दर्शाने के लिए एक प्रयोग की अभिकल्पना कीजिए ।
उत्तर 5 :
पौधों की जड़ें जल प्राप्त करने के लिए भूमि में नीचे की ओर गति करती हैं । इस गति को जलानुवर्तन कहते हैं । जलानुवर्तन दर्शन के लिए प्रयोग : एक पेट्रीडिश लेकर उसमे रंध्र युक्त गत्ते के टुकड़े को सीधा खड़ा कर दें । इसके एक भाग में मिट्टी भर दें तथा दूसरे भाग में जल भर दें । मिट्टी वाले भाग में कुछ अंकुरित बीज उगने के लिए रख दें । अब इस सम्पूर्ण उपकरण को तीन चार दिनों के लिए ऐसी जगह पर रखें जहाँ पर्याप्त मात्रा में सूर्य का प्रकाश तथा वायु हो । तीन चार दिन बाद देखने पर हमें निम्नलिखित बातें देखने को मिलती हैं :
- जड़ें जल की ओर मुड़ने लगी हैं ।
- प्ररोह जल के विपरीत वृद्धि करने लगा है ।
अतः , यह निष्कर्ष निकलता है कि जड़ों में धनात्मक जलानुवर्तन होता है और प्ररोह में ऋणात्मक जलानुवर्तन होता है ।
प्रश्न 1 : जंतुओं में रासायनिक समन्वय कैसे होता है ?
उत्तर 1 :
जंतुओं में विभिन्न हॉर्मोन सूचनाओं के संचरण का कार्य करते हैं । थायरोक्सिन हॉर्मोन शरीर की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करता है । इन्सुलिन रुधिर में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है । अधिवृक्क ग्रंथि से स्रावित एडिनलिन हॉर्मोन मुख्यतः नियंत्रण और समन्वय का कार्य करता है । यह सीधे रुधिर में स्रावित होता है और शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचता है । ये जंतु हॉर्मोन अन्तःस्रावी ग्रंथिओं का भाग है जो शरीर में नियंत्रण एवं समन्वय का दूसरा मार्ग है ।
प्रश्न 2 : आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है ?
उत्तर 2 :
आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह इसलिए दी जाती हैं क्योंकि आयोडीन थायरोक्सिन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है । थायरोक्सिन हॉर्मोन शरीर में वृद्धि और विकास को नियंत्रित करता है । यदि आहार में आयोडीन की कमी होगी तो गॉयटर रोग भी हो सकता है ।
प्रश्न 3 : जब एड्रीनलीन रुधिर में स्राविक होता है तो हमारे शरीर में क्या अनुक्रिया होती है ?
उत्तर 3 :
जब एड्रीनलीन रुधिर में स्राविक होता है तो हृदय की धड़कन बढ़ जाती है ताकि पेशिओं को अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके । पाचन तंत्र तथा त्वचा में रुधिर की आपूर्ति कम हो जाती है क्योंकि इन अंगों की छोटी धमनियों के आसपास की पेशियाँ सिकुड़ जाती हैं । डायफ्राम तथा पसलियों की पेशी के संकुचन से श्वसन दर भी बढ़ जाती है ।
प्रश्न 4 : मधुमेह के कुछ रोगियों की चिकित्सा इंसुलिन का इंजेक्शन देकर क्यों की जाती है ?
उत्तर 4 :
इन्सुलिन हॉर्मोन का स्रवण अग्न्याशय में होता है जो रुधिर में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है । यदि इन्सुलिन प्रयाप्त मात्रा में स्रावित नहीं होता है तो रुधिर में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है जिससे स्वास्थ्य पर विभिन्न हानिकारक प्रभाव होते हैं । इसी इन्सुलिन की आपूर्ति करने हेतु , मदुमेह के रोगिओं को इन्सुलिन का इंजेक्शन दिया जाता है ।
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प्रश्न 1 : निम्नलिखित में से कौन - सा पादप हॉर्मोन है ?
( a ) इंसुलिन
( b ) थायरॉक्सिन
( b ) थायरॉक्सिन
( c ) एस्ट्रोजन
( d ) साइटोकाइनिन
( d ) साइटोकाइनिन
उत्तर 1 : ( d ) साइटोकाइनिन
यह पौधों में कोशिका विभाजन को प्रेरित करता हैं । विशेष रूप से फलों और बीजों में अधिक सांद्रता में पाया जाता है ।
प्रश्न 2 : दो तंत्रिका कोशिका के मध्य खली स्थान को कहते हैं
( a ) द्रुमिका
( b ) सिनेप्स
( b ) सिनेप्स
( c ) एक्सॉन
( d ) आवेग
( d ) आवेग
उत्तर 2 : ( b ) सिनेप्स
प्रश्न 3 : मस्तिष्क उत्तरदायी है
( a ) सोचने के लिए
( b ) हृदय स्पंदन के लिए
( b ) हृदय स्पंदन के लिए
( c ) शरीर का संतुलन बनाने के लिए
( d ) उपरोक्त सभी
( d ) उपरोक्त सभी
उत्तर 3 : ( d ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 4 : हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है ? ऐसी स्थिति पर विचार कीजिए जहाँ ग्राही उचित प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हों । क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं ?
उत्तर 4 :
हमारे पर्यावरण से सभी सूचनाओं का पता कुछ तंत्रिका कोशिकाओं के विशिष्टीकृत सिरों द्वारा लगाया जाता है , जिन्हें ग्राही कहते हैं । ये ग्राही हमारी ज्ञानेन्द्रियों में स्थित होते है , जैसे आंतरिक कर्ण , जिहवा आदि । ग्राही विभिन्न सूचनाओं को वातावरण से ग्रहण कर मस्तिष्क तक पहुँचाते हैं । जब ग्राही उचित प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हों तो हम वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को उचित प्रकार से नहीं जान पाएँगे , जिसके कारण हम कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं कर पाएँगे । क्योंकि ग्राही कोई भी संदेश मस्तिष्क तक सही रूप में नहीं पहुंचा पाएंगे और मस्तिष्क भी कोई निर्णय उचित रूप में नहीं ले पाएगा । ठंडा , गर्म , तीखा , दर्द , आदि का अनुभव हमें नहीं हो पाएगा और हमारा शरीर एक तरह से संवेदनाहीन हो जाएगा ।
प्रश्न 5 : एक तंत्रिका कोशिका ( न्यूरॉन ) की संरचना बनाइए तथा इसके कार्यों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर 5 :
प्रत्येक तंत्रिका कोशिका के तीन भाग होते हैं :
- कोशिकाकाय
- द्रुमिका अथवा डैन्ड्राइट
- तन्तिकाक्ष अथवा एक्सॉन
प्रत्येक तंत्रिका कोशिकाकाय में कोशिका द्रव्य से घिरा केन्द्रक होता है और बहुत - सी कोशिका द्रव्यी संरचनाएँ ( शाखाएँ ) निकलती हैं , जिन्हें द्रुमिका या डैन्ड्राइट कहते हैं । इनमे से एक कोशिका द्रव्यी संरचना अधिक लम्बी होती है और एक्सॉन ( तन्त्रिकाक्ष ) कहलाती है । एक्सॉन के सिरे पर बहुत - सी शाखाएँ निकलती हैं ।
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| चित्र 7.1 (a) तंत्रिका कोशिका का चित्र |
कार्य :
( 1 ) यह ग्राही से सूचनाएँ लेकर मस्तिष्क तक पहुंचती हैं ।
( 2 ) यह मस्तिष्क से सूचनाएँ लेकर विभिन्न अंगों तक पहुंचती हैं ।
प्रश्न 6 : पादप में प्रकाशानुवर्तन किस प्रकार होता है ?
उत्तर 6 :
पौधों में पाया जाने वाला हार्मोन ऑक्सिन प्ररोह के अग्रभाग में संश्लेषित होता है तथा कोशिकाओं की लम्बाई में वृद्धि में सहायक होता है । जब पादप पर एक ओर से प्रकाश आ रहा है तब ऑक्सिन विसरित होकर प्ररोह के छाया वाले भाग में आ जाता है । प्ररोह की प्रकाश से दूर वाले भाग में ऑक्सिन का सांद्रण कोशिकाओं को लम्बाई में वृद्धि के लिए उद्दीपन करता है । अतः , पादप प्रकाश की ओर मुड़ता हुआ दिखाई देता है , जिसे प्रकाशानुवर्तन कहते हैं । पौधों का प्रकाश की दिशा में आगे बदना धनात्मक प्रकाशानुवर्तन कहलाता है ।
प्रश्न 7 : मेरुरज्जु आघात में किन संकेतों के आने में व्यवधान होगा ?
उत्तर 7 :
सम्पूर्ण शरीर की तंत्रिकाएँ मस्तिष्क तक जाने से पूर्व मेरुरज्जु में मिलती है । प्रतिवर्ती चाप इसी मेरुरज्जु में बनती है तथा आगत सूचनाएँ भी मेरुरज्जु से ही मस्तिष्क तक जाती है । यदि मेरुरज्जु पर आघात होता है तो कोई भी सूचना मस्तिष्क तक नहीं पहूँच पाएगी और विभिन्न अंगों से मस्तिष्क का संपर्क टूट जाएगा तथा शरीर को चलाने के लिए जिस नियंत्रण एवं समन्वय की आवश्यकता होती है , वह नहीं बन पाएगा ।
प्रश्न 8 : पादप में रासायनिक समन्वय किस प्रकार होता है ?
उत्तर 8 :
उत्तर 8 :
पौधों में केवल रासायनिक नियंत्रण तथा समन्वय होता है । इनमे कोई तंत्रिका तंत्र नहीं होता । पौधे कुछ रसायन उत्पन करते हैं जो वृद्धि को उत्प्रेरित तथा नियंत्रित करते हैं जबकि कुछ अन्य वृद्धि को कम कर देते हैं । ये रसायन पादत हॉर्मोन या पादप वृद्धि नियमक कहलाते हैं । ये पौधों की विभिन्न क्रियाओं के नियंत्रण में सहायक होती है । उदहारण के लिए - ऑक्सिन हॉर्मोन , प्ररोह के अर्गभाग में संश्लेषित होता है तथा कोशिकाओं की वृद्धि में सहायक है । जबकि साइटोकाइनिन हॉर्मोन कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है तथा एब्सिसिक अम्ल वृद्धि का संदमन करने वाला हॉर्मोन है ।
प्रश्न 9 : एक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय के तंत्र की क्या आवश्यकता है ?
उत्तर 9 :
किसी भी जीव में नियंत्रण एवं समन्वय की अत्यधिक आवश्यकता होती है । प्रत्येक जीव को जीवित रहने के लिए कई परिस्थितियों का सामना करता है तथा उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया करता है । इसके साथ ही विभिन्न जैविक क्रियाएँ प्रतिक्षण हमारे शरीर में घटित होती रहती है , जिनको नियंत्रित करने की आवश्यकता पड़ती है । इसलिए प्रत्येक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए समन्वय के तंत्र ( हॉर्मोन तंत्र अर्थात तंत्रिका तंत्र ) की आवश्यकता होती है ।
किसी भी जीव में नियंत्रण एवं समन्वय की अत्यधिक आवश्यकता होती है । प्रत्येक जीव को जीवित रहने के लिए कई परिस्थितियों का सामना करता है तथा उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया करता है । इसके साथ ही विभिन्न जैविक क्रियाएँ प्रतिक्षण हमारे शरीर में घटित होती रहती है , जिनको नियंत्रित करने की आवश्यकता पड़ती है । इसलिए प्रत्येक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए समन्वय के तंत्र ( हॉर्मोन तंत्र अर्थात तंत्रिका तंत्र ) की आवश्यकता होती है ।
प्रश्न 10 : अनैच्छिक क्रियाएँ तथा प्रतिवर्ती क्रियाएँ एक - दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं ?
उत्तर 10 :
- अनैच्छिक क्रियाएँ : वे क्रियाएँ जो अपने आप होती हैं , और जिन पर हमारा नियंत्रण नहीं है , उन्हें अनैच्छिक क्रियाएं कहते हैं । दिल का धड़कना , वमन , रक्तदाब तथा लार आना आदि । इनमे से अधिकतर मध्य मस्तिष्क तथा पश्च मस्तिष्क से नियंत्रण होती हैं ।
- प्रतिवर्ती क्रियाएँ : ऐसी क्रियाएँ जो तुरंत होती हैं और उन्हें मस्तिष्क तक जाने की आवश्यकता भी नहीं होती , ऐसी अनुक्रियाओं को प्रतिवर्ती क्रियाएं कहते हैं । इन्हें मेरुरज्जु ही अनुक्रिया करता है । आँखों का झपकना , छींक आना आदि सभी प्रतिवर्ती क्रियाएं हैं ।
प्रश्न 11 : जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए तंत्रिका तथा हॉर्मोन क्रियाविधि की तुलना तथा व्यतिरेक ( contrast ) कीजिए ।
उत्तर 11 :
छात्र स्वयं करें ।
प्रश्न 12 : छुई - मुई पादप में गति तथा हमारी टाँग में होने वाली गति के तरिके में क्या अंतर है ?
उत्तर 12 :
छात्र स्वयं करें ।
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